वडोदरा की इंसानियत की मिसाल! मल्हार पॉइंट में रहने वाली 42 वर्षीय दीपिकाबेन मकवाना पिछले 6 महीनों से रात 1 बजे से सुबह 5 बजे ...
परिवार के बाकी सदस्यों से छिपकर दोनों ने साथ में प्रैक्टिस की, और आखिरकार सुखमा ने बाइक चलाना सीख ही लिया। आज, आठ साल बाद, 82 साल की उम्र में सुखमा सिर्फ बाइक ही नहीं, बल्कि ट्रैक्टर भी चलाती हैं। इतन ...
₹40 लाख के कर्ज में डूबे परिवार के लिए सिमरजीत कौर ने सिर्फ ₹50 से अपना food business शुरू किया। बठिंडा की ये woman ...
एक पिता ने अपनी बेटी के इलाज के लिए घर-ज़मीन तक बेच दी, लेकिन बेटी को ठीक कराने की उम्मीद आज भी नहीं छोड़ी। 35 साल से नसों की ...
बेटे के जन्म के बाद भी अधूरी रह गई एक माँ की ममता | She Fought to Return to Her Baby, But Never Could | Single Father [mother ...
अभिषेक को जेसिका से प्यार हुआ, एक Small town White Girl जो पहले से दो बेटियों की माँ थीं। लेकिन सवाल था “लोग क्या कहेंगे?” ...
#एक इंजेक्शन ने नारायण जेना की जिंदगी बदल दी। तीसरी क्लास में ही उन्हें लकवा हो गया और चलना मुश्किल हो गया। लेकिन उन्होंने ...
खुद आर्थिक तंगी की वजह से अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर पाए… लेकिन आज महबूब मलिक अपनी कमाई का करीब 80% हिस्सा जरूरतमंद बच्चों की ...
#thebetterindia #goodnews #positivestories #indianews #जिसे दुनिया ने बोझ समझा, आज वही अपनी छोटी बहन की सबसे सुरक्षित जगह है। ...
गुजरात के गोंडल में मुफ़्त टिफिन सेवा चलाने वाले 70 साल के चंदू बापू ने 20 साल पहले अपने बेटे को खोने के बाद एक संकल्प लिया ...
एक वक्त था, जब पिता को रेलवे स्टेशन पर सोना पड़ता था और पूरा परिवार एक छोटे-से वन रूम किचन में रहता था! अभिनेता ललित प्रभाकर ...
कभी खुद दो वक्त की रोटी के लिए संघर्ष किया… आज हर दिन 500+ लोगों का पेट भरते हैं! मिलिए डी. गणेश राव से, जिन्होंने स्कूटर पर खाना पहुँचाकर इस नेक पहल की शुरुआत की। कोविड के दौरान अस्पतालों में मरीजों ...